फ्लाईऐश ट्रांसपोर्टर की मनमानी से जामपाली के बाशिंदे हलाकान-परेशान.. करीब 100 ट्रेलर फ्लाईऐश को गैर कानूनी ढंग से हाईवे व माइंस के अप्रोच रोड में किया गया है डंप.. जामपाली माइंस के सब एरिया मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध..


रायगढ़। रायगढ़ जिले में विषाक्त औद्योगिक अवशिष्ट फ्लाईऐश के ट्रांसपोर्टिंग एंड डिस्पोजल की समस्या खत्म होने की नाम ही नही ले रही है। हाल ही में लगभग डेढ़ महीने तक लगातार एनटीपीसी लारा रायगढ़ यूनिट से होने वाली फ्लाईऐश ट्रांसपोर्टिंग में हो रही गड़बड़ी और जीपीएस स्कैम की खबरें स्थानीय मीडिया से लेकर राष्ट्रीय मीडिया तक छाई रही थी जिसमें एनटीपीसी लारा की काफी बदनामी भी हुई। और अब एक नया मामला घरघोड़ा स्थित एक प्लांट का सामने आया है जहां से निकलने वाले विषाक्त फ्लाईऐश की ट्रांसपोर्टिंग करने वाले एक ट्रांसपोर्टर द्वारा खुलेआम गैर कानूनी ढंग से NGT के सभी दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए जामपाली कोल माइंस के एंट्री गेट के सामने की तरफ और हाईवे पर करीब 100 ट्रेलर फ्लाईऐश को डंप किया गया है जिससे आसपास स्थित ढाबा, होटल और अन्य छोटे मोटे कारोबार करने वाले लोगों का जीना मुहाल हो गया है तो वही स्थानीय ग्रामीणों ने भी बताया कि फ्लाईऐश के उड़ते कणों से उन्हें कई तरह की श्वसन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।



इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि फ्लाईऐश ट्रांसपोर्टिंग करने वाले उक्त ट्रांसपोर्टर के द्वारा न सिर्फ हाईवे और आम रास्ते के किनारों पर फ्लाईऐश को डंप किया गया है बल्कि जामपाली कोल माइंस जाने वाली अप्रोच मार्ग के किनारे भी बड़े पैमाने पर हजारों टन फ्लाईऐश को डंप किया गया है जिसको लेकर माइंस सब एरिया मैनेजर का रवैया उदासीन लग रहा है जिससे ग्रामीणों को इस मामले पर उनकी भूमिका भी संदेहास्पद लग रही है।


बहरहाल इस मामले में अब आगे यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि फ्लाई ऐश निपटान को लेकर कड़ी कार्रवाई करने का दावा करने वाले क्षेत्रीय पर्यावरण विभाग की आला अधिकारी इस पूरे मामले में कब और किस तरह की कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं…??




