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सफाई ठेके में गंदगी : शहर को चकाचक दिखाने नियमों की बलि , विशेष सफाई अभियान बताकर बिना टेंडर निकाले ही दे दिया काम , शहर में नाबालिग कर रहे नाला सफाई .. सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता ने स्वास्थ्य अधिकारी पर किया कटाक्ष..

रायगढ़। स्वच्छता रैंकिंग के लिए शहर को चकाचक दिखाने की जल्दबाजी में नगर निगम ने नियमों की बलि दे दी है। बिना टेंडर निकाले चहेती कंपनी को ही 30 अतिरिक्त सफाई कर्मी देने का आदेश दे दिया। कंपनी ने भी आनन-फानन में नाबालिग लडक़ों को सफाईकर्मी बनाकर शहर के नालों में उतार दिया है। जिससे निगम के सफाई ठेके में ही गंदगी के आरोप लग रहे हैं।

सुघ्घर रईगढ़ का सपना दिखाने वाली शहर सरकार एक बार फिर से विवादों में है। वार्डों में कूड़े कचरे का अंबार, बजबाजाती नालियां, मच्छरों का आतंक और कचरा डंपिंग यार्ड बनते गली मोहल्लों की कमी ढंकने के लिए निगम ने 30 अतिरिक्त सफाईकर्मियों को काम पर रखा है। इसके लिए निगम ने कोई टेंडर नहीं निकाला और इसे विशेष सफाई अभियान बताकर शहर में काम कर रहे ओजस कंस्ट्रक्शन को ही यह काम दे दिया गया। टेंडर निकाले बिना ही यह काम शुरू करा देने के लिए निगम के अफसर अपने-अपने तर्क दे रहे हैं लेकिन इसमें नियमों की बलि देने और सफाई ठेके को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब इसमें नाबालिग लडक़े सफाई कर्मचारी बनकर काम करने लगे और शहर के नालों में उतरकर सफाई करने लगे। जिसके बाद पूर्व एमआईसी सदस्य और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संजय देवांगन ने भी इसके लिए सोशल मीडिया में आवाज उठाई और नगर निगम के अफसरों व स्वास्थ्य विभाग को आड़े हाथों लिया है।

निगम के पार्षदों ने भी नहीं उठाई आवाज ..
आमतौर पर अफसरों या सत्ताधारी पार्टी के द्वारा नियमों के विपरीत या उन्हें बाईपास करके कोई काम किए जाने पर विपक्षी पार्षद हायतौबा मचाते हैं लेकिन निगम में बिना टेंडर काम दिए जाने और फिर नाबालिग लडक़ों के द्वारा काम किए जाने पर किसी पार्षद ने आवाज नहीं उठाई। कांग्रेसियों ने भी अपना राजनैतिक धर्म नहीं निभाया और नियमों के विपरीत इस काम के लिए कोई आपत्ति भी नहीं की।

निगम कर्मचारियों पर ठेकेदारी के आरोप
पूर्व एमआईसी सदस्य संजय देवांगन ने सोशल मीडिया में अपनी बात पूरी दमदारी से रखते हुए आरोप लगाया कि रायगढ़ नगर निगम में नाबालिग कर्मचारी काम कर रहे हैं तो कार्रवाई किस पर होगी। जिस सफाई ठेकेदार को 30 अतिरिक्त लेबर का नया ठेका दिया गया है,उसके साथ निगम का कर्मचारी ही पार्टनरशिप में काम कर रहा है तो फिर क्या उस पर कार्रवाई जिला प्रशासन करेगा। संजय ने सफाईकर्मियों के फोटो व उम्र के संबंध में दस्तावेज भी शेयर किए हैं।

अब अफसरों के गोलमोल जवाब
सफाई ठेके में ऐसी गंदगी के आरोपों के बीच हमने निगम कमिश्नर का पक्ष जानना चाहा लेकिन उन्होंने अपने प्रभारी एचओ शिवकुमार यादव को आगे कर दिया। एचओ शिवकुमार यादव ने सफाई दी कि यह निगम का विशेष सफाई अभियान का काम है। इसलिए टेंडर नहीं निकाला गया और ओजस कंस्ट्रक्शन को ही 30 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी देने के लिए कहा गया था। इसमें किसी नाबालिग के काम करने की जानकारी नहीं है। हर दिन सफाई कर्मी बदलते रहते हैं। फिर भी कोई नाबालिग काम करेगा तो ठेकेदार पर कार्रवाई करेंगे।

खबर स्रोत : दैनिक जनकर्म

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