जिंदल पॉवर में विशेषज्ञों द्वारा दी गई चार नए श्रम कानून की जानकारी… विभिन्न कंपनियों के सैकड़ों श्रमिक हुए शामिल..

रायगढ़। चार नए श्रम कानूनों की जानकारी देने के लिए जिंदल पावर द्वारा गारेपेलमा माइंस में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न कंपनियों के कर्मचारी एवं ठेका श्रमिक शामिल हुए। नए श्रम कानूनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर उन्हें लाभ हुआ।

ज्ञात हो कि पूर्व में 29 प्रकार के श्रम कानून प्रचलित थे। इन सभी 29 पुराने और जटिल श्रम कानूनों को सरल बनाकर भारत सरकार द्वारा चार नए लेबर कोड बनाए गए हैं। इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा एवं बेहतर वेतन प्रदान करना है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों, एचआर पेशेवरों, व्यावसायिक सहयोगियों एवं परिचालन से जुड़े हितधारकों के बीच बदलते श्रम कानून ढांचे के प्रति जागरूकता और समझ को बढ़ाना था।
कार्यशाला में बिलासपुर क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय) प्रवीण कुमार तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारी (केंद्रीय) अभिषेक सिंह चौहान उपस्थित रहे। तकनीकी सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने चारों नई श्रम संहिताओं के प्रमुख प्रावधानों, उनके उद्देश्यों तथा अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में गारे पेलमा माइंस 4/2/3 के वाइस प्रेसिडेंट गोविंद कुमार, माइंस मैनेजर गारे पेलमा 4/1 सुधीर कुमार चौधरी, सीएचआरओ जिंदल पावर आशीष कुमार, माइंस एवं सीपीपी एचआर हेड संतोष कुमार द्विवेदी, सीएचआरओ जिंदल सीमेंट शिशिर शुक्ला, माइंस मैनेजर जीपी 4/6 श्री खेड़िया तथा एचआर हेड झज्जर सुश्री गुरप्रीत कौर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों—हिंडालको, शारदा एनर्जी, अडाणी, अंबुजा सीमेंट, जिंदल स्टील एवं जिंदल सीमेंट सहित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारी एवं ठेका श्रमिक भी शामिल हुए।
इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
कार्यशाला में प्रमुख रूप से श्रमिकों के कल्याण को सुदृढ़ करने, सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करने तथा नियोक्ता और कर्मचारियों के संबंधों को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।




